रिकॉर्ड तोड़ कमाई के साथ गंगोत्री नेशनल पार्क शीतकाल के लिए बंद; 29,162 पर्यटकों से 81 लाख का राजस्व अर्जित।

गंगोत्री नेशनल पार्क के चारों गेट देश विदेशों के पर्यटकों के लिए बंद कर दिए गए है।इस साल पहुंचे 29162 पर्यटकों के आने से अच्छा राजस्व अर्जित किया गया ।पार्क प्रशासन ने इस सीजन में 81 लाख का राज्यव अर्जित किया गया । धराली आपदा की वजह से सैलानियों की संख्या में कमी जरूर आई गत वर्षों की अपेक्षा लेकिन राजस्व में वृद्धि हुई है।पार्क क्षेत्र में 50 से अधिक कैमरा ट्रैप लगाए गए हैं, जिससे वन्यजीवों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।

वी ओ…दुनिया भर के पर्वतारोहण व ट्रैकिंग के लिए प्रसिद्ध गंगोत्री नेशनल पार्क और गर्तांगली के गेट रविवार को शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए। अब अगले वर्ष एक अप्रैल 2026 को ही सैलानी पार्क की सैर कर पाएंगे। इस बार पार्क में सैलानियों की संख्या के साथ कमाई का भी नया रिकॉर्ड बना।
इस बार 29162 (उन्तीस हजार एक सौ बासठ) सैलानियों ने पार्क की सैर की है, जबकि पार्क को प्रवेश शुल्क के रूप में
8100000का राजस्व अर्जित किया गया ।
जबकि वर्ष 2023 में 61 लाख से अधिक का राजस्व प्राप्त हुआ। वर्ष 2022 में 28,500 सैलानियों ने पार्क की सैर की थी। इस बार धराली आपदा की वजह से सैलानियों की संख्या में कमी जरूर आई गत वर्षों की अपेक्षा लेकिन राजस्व में वृद्धि हुई है।
इसके अलावा पार्क क्षेत्र में 50 से अधिक कैमरा ट्रैप लगाए गए हैं, जिससे वन्यजीवों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
गंगोत्री नेशनल पार्क के कनखू बैरियर, भैरवघाटी नेलांग बैरियर और गर्तांगली को जाने वाले लंका पुल बैरियर पर रविवार को कार्यक्रम आयोजित हुए। इसके बाद चारों गेट बंद किए गए। इस बार पार्क के साथ गर्तांगली की सैर को भी बड़ी संख्या में सैलानी पहुंचे। गोमुख और तपोवन क्षेत्र में भी सैलानियों की अच्छी आमद रही। पर्वतारोहण करने वाले विदेशी पर्वतारोहियों की संख्या भी संतोषजनक रही।
बता दें कि गंगोत्री नेशनल पार्क के कपाट हर साल सर्दियों के मौसम में बर्फबारी के कारण बंद कर दिए जाते हैं, ताकि पर्यटकों और वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

आपको बता दें कि गंगोत्री नेशनल पार्क क्षेत्र देश का तीसरा सबसे बड़ा पार्क है। यह 1553 वर्ग किमी और सात हजार मीटर से अधिक ऊंचाई तक फैला हुआ है। पार्क क्षेत्र में हिम तेंदुए, अरगली भेड़, भालू व लाल लोमड़ी जैसे कई दुर्लभ जीवों का घर है। यहां विभिन्न प्रकार के पक्षियों जैसे कई वन्यजीव पाए जाते
पर्यटक आसानी से उच्च हिमालयी क्षेत्र में पाए जाने वाले इन जीवों का दीदार करते हैं। यही वजह है कि पार्क क्षेत्र में हर साल हजारों की संख्या में पर्यटक घूमने आते हैं।
बाइट …उप निदेशक हरीश नेगी ने बताया कि इस बार गंगोत्री नेशनल पार्क में रिकॉर्ड संख्या में सैलानी पहुंचे हैं। इससे पार्क प्रशासन की अच्छी खासी आमदनी भी हुई है। पार्क में 29162 सैलानियों ने सैर किया है जिससे 81,00,00.00 की आमदनी भी हुई है।सैलानियों के लिए पार्क के गेट बंद कर दिए अब एक अप्रैल 2026 को खोले जाएंगे।
बाइट ..प्रदीप बिष्ट,
रेंज अधिकारी, गंगोत्री नेशनल पार्क, उत्तरकाशी ने बताया कि
इस सीजन में बड़ी संख्या में सैलानी गंगोत्री नेशनल पार्क के पर्यटन स्थलों की सैर करने पहुंचे हैं। सैलानियों की संख्या के साथ राजस्व का भी रिकॉर्ड बना है। धराली प्राकृतिक आपदा की वजह से सैलानियों की संख्या में कमी जरूर आई हम उम्मीद करते है कि इस बार दिसंबर जनवरी में अच्छी बर्फबारी हो और आने नए साल में खूब पर्यटक पहुंचे ।