फाइलों में नहीं, धरातल पर दिखें गंगा संरक्षण और अर्धकुंभ 2027 के कार्य, लापरवाही पर जिलाधिकारी सख्त

जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने कलेक्ट्रेट के ऋषिपर्णा सभागार में जिला गंगा संरक्षण समिति और अर्धकुंभ मेला 2027 के प्रस्तावित कार्यों की समीक्षा बैठक ली। जिलाधिकारी ने सख्त लहजे में अधिकारियों को हिदायत दी कि बैठक में केवल कागजी प्रस्तुतिकरण (प्रेजेंटेशन) से काम नहीं चलेगा, बल्कि धरातल पर कार्यों के प्रभावी परिणाम दिखने चाहिए।

​बैठक में लापरवाही बरतने और देरी करने वाले अधिकारियों के खिलाफ जिलाधिकारी का कड़ा रुख देखने को मिला। उन्होंने अनुपस्थित अधिकारी को नोटिस जारी करने से लेकर कई मामलों में जांच के आदेश भी दिए।

​ लापरवाही पर कड़ा एक्शन और नाराजगी

​डेयरी वेस्ट प्रबंधन पर नोटिस: नगरीय क्षेत्रों में डेयरी वेस्ट प्रबंधन की समीक्षा के दौरान नगर निगम देहरादून के संबंधित अधिकारी के अनुपस्थित रहने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताई और उनके खिलाफ तत्काल ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी करने के निर्देश दिए।
​एसटीपी निर्माण में देरी पर जांच: मसूरी के कैमल बैक (0.70 एमएलडी) और अर्केडिया जोन में वर्ष 2022 से बजट व स्वीकृति मिलने के बावजूद भूमि चिन्हीकरण और निर्माण कार्य शुरू न होने पर डीएम ने सख्त नाराजगी जताई। उन्होंने संयुक्त मजिस्ट्रेट मसूरी को अर्केडिया जोन मामले की जांच कर 7 दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए।
​टपकेश्वर और बिंदाल नदी पर खिंचाई: टपकेश्वर मंदिर क्षेत्र में एसटीपी के लिए भूमि चयन में हो रही देरी और बिंदाल नदी में गिरने वाले प्रदूषित नालों की टैपिंग में सुस्ती पर पेयजल निगम और संबंधित विभागों के अधिकारियों को कार्यप्रणाली सुधारने की चेतावनी दी।

​ एसटीपी और अपशिष्ट प्रबंधन के लिए कड़े निर्देश

​जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव स्तर से स्वच्छता व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखा गया है, इसलिए इसमें किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं होगी।

​एनजीटी मानकों का पालन: जल संस्थान और गंगा इकाई को निर्देशित किया गया कि जिले के सभी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) अनिवार्य रूप से एनजीटी (NGT) के मानकों के अनुरूप ही संचालित हों।
​ऋषिकेश में मॉडल वार्ड: ऋषिकेश में निर्माणाधीन एसटीपी और सीवर लाइनों को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए गए। साथ ही, आवास विकास वार्ड में चल रही सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट पायलट परियोजना को प्रभावी ढंग से लागू कर उसे ‘मॉडल वार्ड’ के रूप में विकसित करने को कहा गया।
​डंपिंग जोन में सीसीटीवी से निगरानी: सभी नगर निगमों और निकायों को कूड़ा उठान व्यवस्था सुधारने तथा डंपिंग जोन में सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से तकनीकी निगरानी रखने के निर्देश दिए गए। नगर पंचायत सेलाकुई में स्लज वाहन न होने पर डीएम ने हैरानी जताते हुए तत्काल संसाधनों से वाहन व्यवस्था करने को कहा।

​ अर्धकुंभ 2027 और फल्ड जोन चिन्हीकरण

​अर्धकुंभ 2027: आगामी अर्धकुंभ मेला 2027 के लिए जितने भी निर्माण कार्य प्रस्तावित हैं, उन्हें एनएमसीजी (NMCG) की अनुमति और निर्धारित एसओपी (SOP) के अनुसार ही समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए गए।
​फल्ड जोनिंग: बैठक में बताया गया कि गंगा (हरिद्वार तक), रिस्पना और आसन नदी का फल्ड जोन चिन्हीकरण पूरा हो चुका है, जबकि सुसवा, सौंग, जाखन, चन्द्रबागा और यमुना का सर्वे कर लिया गया है। डीएम ने इस कार्य को भी जल्द से जल्द अंतिम रूप देने के निर्देश दिए।