​ऑपरेशन प्रहार: दून पुलिस की गिरफ्त में शातिर ‘ठग बाबा’, अनिष्ट का भय दिखाकर ठगा था 65 तोला सोना

राजधानी के सेलाकुई क्षेत्र में तंत्र-मंत्र और अंधविश्वास का जाल बिछाकर महिलाओं को ठगने वाले एक शातिर ‘ठग बाबा’ को देहरादून पुलिस ने ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) देहरादून की सख्ती के बाद हरकत में आई सेलाकुई पुलिस और एसओजी (SOG) की संयुक्त टीम ने आरोपी को दबोचा। पुलिस ने अभियुक्त के कब्जे से पिघलाया हुआ 150 ग्राम सोने का बार (बिस्कुट) और आभूषण बेचकर कमाए गए 05 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं।

​मिली जानकारी के अनुसार, गत 31 मई 2026 को शहीद किशन थापा मार्ग, सेलाकुई निवासी  ओशीन गुरुंग पत्नी अनीश गुरुंग ने थाना सेलाकुई में महंत राहुल थापा के खिलाफ धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई थी। वादिनी ने बताया कि आरोपी राहुल थापा उनका दूर का रिश्तेदार है। उसे पता था कि ओशीन अपने परिवार की इकलौती बेटी है और उसके पास काफी कीमती आभूषण हैं। लालच में आकर आरोपी ने करीब ढाई महीने पहले महिला और उसके परिवार पर भारी अनिष्ट होने का झूठा डर दिखाया और तंत्र-मंत्र के नाम पर उनके 65 तोले सोने के आभूषण गायब कर दिए।

​पूछताछ में आरोपी राहुल थापा (उम्र 34 वर्ष) ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। वह वर्ष 2013 से पण्डिताई और माता की चौकी लगाने का काम कर रहा था। ज्यादा पैसा कमाने के लालच में उसने अपने ही अमीर शिष्यों को ठगने का प्लान बनाया।
​रात में फेंकता था पोटली: आरोपी रात के अंधेरे में सुनसान देखकर पीड़ित के घर के भीतर काले कपड़े में उड़द की दाल, रोली, लौंग और नींबू जैसी जादू-टोने की सामग्री की पोटली फेंक देता था।
​सुबह फोन पर डराना: अगली सुबह वह खुद फोन कर कहता था कि मुझे रात में सपना आया है कि आपके घर पर किसी ने बड़ा तांत्रिक टोटका किया है।
​वीडियो कॉल से जाल में फंसाना: ओशीन के मामले में भी उसने 1 मार्च 2026 की रात गेट के अंदर पोटली फेंकी। अगले दिन सुबह फोन कर ओशीन से गेट के पास देखने को कहा। ओशीन ने वीडियो कॉल पर उसे वह काली पोटली दिखाई, जिससे वह पूरी तरह बाबा के जाल में फंस गई।
​नारियल और चावल के बहाने बदला आभूषण
​महिला के घर पहुंचकर शातिर ठग ने पूजा अनुष्ठान के नाम पर एक बड़ा संदूक मंगवाया। उसने ओशीन और उसकी माता के सारे आभूषण एक पोटली में बंधवाकर संदूक में रखवा दिए। इसके बाद उसने दोनों महिलाओं को मुट्ठी में चावल देकर छत की परिक्रमा करने भेज दिया। मौका पाकर बाबा ने संदूक से आभूषण निकाल लिए और उसमें नारियल व फूल रख दिए। पूजा खत्म होने के बाद उसने झांसा दिया कि इस संदूक को मंदिर में रख दें और 62 दिनों के बाद ही खोलें। जब अवधि पूरी होने पर संदूक खोला गया, तो परिवार के होश उड़ गए।

​मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी देहरादून के निर्देश पर थाना सेलाकुई में दो अलग-अलग टीमों का गठन किया गया था। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नामजद अभियुक्त राहुल थापा पुत्र गिरीश थापा (निवासी तेलपुरा अटक फॉर्म, सेलाकुई) को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की, जिसके बाद उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
​चुनौतीपूर्ण थी बरामदगी: चूंकि घटना करीब तीन महीने पुरानी थी, इसलिए पुलिस के लिए सबूत और रिकवरी जुटाना बेहद चुनौतीपूर्ण था। पुलिस अब शेष आभूषणों की बरामदगी के लिए कोर्ट से अभियुक्त की पुलिस कस्टडी रिमांड (PCR) लेने की तैयारी कर रही है।
​अपराध और पुलिस टीम का विवरण
​पंजीकृत मुकदमा:
​मु0अ0सं0- 76/2026, धारा- 305(ए) / 318(4) / 317(2) बी0एन0एस0 (BNS 2023), थाना सेलाकुई।
​बरामदगी का विवरण:
​150 ग्राम वजन का सोने का बार (बिस्कुट नुमा)
​05 लाख रुपये नगद नगदी